18 अगस्त को हुआ था शुरुआत में गैरेज में काम करने वाले गुलजार का जन्म

गुलजार एक बहुत ही जाना पहचाना नाम है जिन्होंने बॉलीवुड मैं चार चांद लगाए हैं. शुरुआत में मुंबई पहुंचने के बाद गैरेज में काम किया करते थे. वर्तमान में कहीं विधाओं में काम कर रहे हैं. इनका वास्तविक नाम संपूर्ण सिंह कालरा है. इनका जन्म 18 अगस्त 1934 को पंजाब के जेलम में हुआ था. यह अभी पाकिस्तान में है. भारत और पाकिस्तान जब अलग हुए थे तब संपूर्ण सिंह कालरा (गुलजार) का परिवार अमृतसर आ गया था. गुलजार का मन अमृतसर में कम ही था. इन्होंने मुंबई की ओर रुख मोड़ लिया.


 मुंबई पहुंचने के बाद इन्होंने गैराज पर काम किया. जब खाली समय होता था तब  अपनी रुचि के काम भी किया करते थे. वर्तमान में उनकी पहचान शायर, लेखक, गायक, निर्माता तथा निर्देशक के रूप में की जाती है. इन्होंने बॉलीवुड मैं जो काम किया है वह प्रशंसनीय तथा अमिट छाप के रूप में बन गया है. आज जिनका जन्मदिन है. बचपन में ही यह शायरी और कविताएं लिखा करते थे. लेकिन समय ने और गरीबी ने इनसे गैरेज में भी काम करवाया है.


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जो कभी दूसरों की नौकरी किया करते थे. आज वह कई लोगों को काम देने वाले बन गए हैं. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1961 में करी थी. उस समय यह सहायक हुआ करते थे. उसके बाद 1963 में इन्होंने गीतकार के रूप में अपना करियर शुरू किया था. इन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपना पहला गाना विमल रॉय की फिल्म ‘बंदिनी’ में 'मोरा गोरा अंग लेई ले' गया था . जो उस समय सुपर हिट हुआ था. 1971 में गुलजार ने निर्देशक के रूप में काम शुरू किया था.


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इनकी निर्देशित फिल्में 'कोशिश', 'परिचय',  'मेरे अपने', 'अचानक', 'खूशबू', 'आंधी', 'मौसम', 'किनारा', 'मीरा', 'किताब', 'नमकीन', 'अंगूर', 'इजाजत', 'लिबास', 'लेकिन', 'माचिस' और 'हू तू तू' तथा और भी अनेक फिल्में हैं.

 इन्होंने दुनिया को बता दिया है कि इनका दायरा लेखन तक ही सीमित नहीं है.


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